Suryakumar Yadav village : एक छोटे से गाँव से बने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टार

suryakumar yadav village:भारतीय क्रिकेट टीम के धाकड़ बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव के गाँव हथौड़ा की कहानी, एक ऐसी कहानी जो हर किसी को प्रेरणा देती है। गाजीपुर जिले के इस छोटे से गाँव में जन्मे सूर्यकुमार यादव ने अपने अथक परिश्रम और अटूट जुनून के बल पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी खास पहचान बनाई है।

सूर्यकुमार यादव का जन्म कब हुआ

सूर्यकुमार यादव का जन्म: 14 दिसंबर 1990

Surya kumar yadav birth place हथौड़ा, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश

सूर्यकुमार यादव का जन्म 14 दिसंबर 1990 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के हथौड़ा गाँव में हुआ था।

हथौड़ा गाँव(suryakumar yadav village) में बचपन से ही सूर्यकुमार यादव का क्रिकेट के प्रति जुनून था। वह हर समय गली-कूचों में क्रिकेट खेलते रहते थे। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उनके परिवार और गाँव के लोगों ने उन्हें हर तरह से बढ़ावा दिया।

suryakumar yadav ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की और उसके बाद वह मुंबई के ही पिल्लई कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस से स्नातक हुए।

अपनी पढ़ाई के साथ-साथ suryakumar yadav ने लगातार क्रिकेट का अभ्यास भी किया। वह मुंबई क्रिकेट की विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते रहे।

साल 2010 में suryakumar yadav ने मुंबई क्रिकेट टीम में पदार्पण किया और तब से वह लगातार अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल में भी शानदार प्रदर्शन किया है और कई मैचों में टीम को जीत दिलाई है।

साल 2021 में सूर्यकुमार यादव को भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया और उन्होंने अपने पहले ही मैच में अर्धशतक बनाकर सभी का दिल जीत लिया।

सूर्यकुमार यादव के लिए उनकी सफलता की यात्रा उनके गाँव हथौड़ा से ही शुरू हुई थी। वह अपने गाँव के लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं और उनका मानना है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से कोई भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है।

हथौड़ा गाँव के लोग सूर्यकुमार यादव की सफलता पर बेहद खुश हैं और उनका कहना है कि उनकी सफलता से गाँव का नाम रौशन हुआ है।

सूर्यकुमार यादव की कहानी हमें यह सिखाती है कि सफलता पाने के लिए अमीर या बड़े शहर में रहना जरूरी नहीं है, अगर हमारे अंदर जुनून और मेहनत का जज्बा है तो हम किसी भी मंजिल को हासिल कर सकते हैं।

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