Makar Sankranti 2024: तिथि, मुहूर्त, परंपराएं: 2024 में कैसे बनाएं मकर संक्रांति को खास? सूर्य और शनि को कैसे करें प्रसन्न?

Makar Sankranti 2024:मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। यह सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं, जिसका अर्थ है कि दिन बड़े होने लगते हैं और रातें छोटी होने लगती हैं। मकर संक्रांति को उत्तरायण, संक्रांति, उत्तरायण संक्रांति, सूर्य षष्ठी, खरमास समाप्ति, माघी, पोंगल, लोहड़ी, और उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों के अंत और वसंत की शुरुआत के रूप में भी जाना जाता है।

मकर संक्रांति का महत्व:

makar sankranti 2024 kab hai:मकर संक्रांति को कई नामों से जाना जाता है, जैसे कि उत्तरायण, खिचड़ी, उत्तरी गोलार्ध का नववर्ष, लोहड़ी, पोंगल, और माघी। इस दिन को नए साल की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है। मकर संक्रांति का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, और सूर्य और शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है।

मकर संक्रांति 2024 की तिथि और समय:Makar Sankranti 2024 Date and Time

मकर संक्रांति 2024 भारत में 15 जनवरी, 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन पौष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और दिन सोमवार है। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात्रि 2.42 बजे होगा, इसलिए मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को रहेगा।

मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त:

मकर संक्रांति के दिन निम्नलिखित शुभ मुहूर्त हैं:

  • स्नान का शुभ मुहूर्त: सुबह 7:15 बजे से 8:07 बजे तक
  • सूर्योदय का शुभ मुहूर्त: सुबह 6:50 बजे
  • सूर्य पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 7:15 बजे से 9:00 बजे तक
  • दान का शुभ मुहूर्त: सुबह 7:15 बजे से शाम 5:46 बजे तक

मकर संक्रांति पर सूर्य और शनिदेव की पूजा कैसे करें:

मकर संक्रांति के दिन सूर्य और शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है। सूर्य देव की पूजा से आरोग्य, धन, और समृद्धि प्राप्त होती है। शनि देव की पूजा से पापों का नाश होता है।

सूर्य देव की पूजा विधि:

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • स्वच्छ कपड़े पहनें।
  • पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • एक दीपक जलाएं।
  • एक कलश में जल भरें।
  • कलश में गंगाजल, रोली, अक्षत, और फूल डालें।
  • सूर्य देव को प्रणाम करें।
  • सूर्य मंत्र का जाप करें।
  • सूर्य देव से आशीर्वाद मांगें।

शनि देव की पूजा विधि:

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • स्वच्छ कपड़े पहनें।
  • उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • एक दीपक जलाएं।
  • एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरें।
  • कटोरी में शमी के पत्ते डालें।
  • शनि देव को प्रणाम करें।
  • शनि मंत्र का जाप करें।
  • शनि देव से आशीर्वाद मांगें।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने का महत्व:

मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने का विशेष महत्व होता है। खिचड़ी एक पौष्टिक व्यंजन है। यह शरीर को गर्माहट प्रदान करती है। खिचड़ी खाने से पाचन क्रिया भी दुरुस्त होती है।

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। इस दिन आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, और खुशहाली आये।

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